The Basic Principles Of 5. Shabar Stambhan–Ucchatan



वासुकीमुखी नागिनी मंत्र : नागिनी को सिद्ध करने की और प्रसन्न...

अनुष्ठान के दौरान दिनचर्या नियमित रखें और आलस्य से बचें।

ब्रह्मचर्य व्रत का पूर्ण रूप से पालन करें। 

अपने गुरु एवं परमात्मा पर पूर्ण विश्वास और श्रद्धा रखें। 

तंत्र मंत्र चन्द्र मंत्र : चन्द्र मंत्र का जाप कैसे करे?

मन्त्र ज्यो शत्रु भयो। डाकिनी वायो, जानु वायो।

ॐ वज्र मुस्ठी वज्र किवाड़। वज्र बाँधों दश द्वार।

किसी भी साधक को अगर सिद्ध किया हुआ यंत्र चाहिए तो वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे और मंगवा सकता हे

साधना रात्रि के शान्त वातावरण में करें। 

इसके बाद जब सूर्य ग्रहण खत्म हो जाए तब आपने जो भी कपड़े पहने हुए हैं उसी के साथ जाकर पानी से स्नान कर ले. इस तरह सूर्य ग्रहण की अवधि में आपके द्वारा जाप किए गए साबर मंत्र का असर होने लगेगा और उसकी सिद्धि हो जाएगी, सिद्ध होने के बाद आप साबर मंत्र का इस्तेमाल दूसरों की भलाई के लिए कर सकते हैं.

कोई भी साधक अगर सिद्धि siddh yogiyon aur aghori parampara se nikle hue shabd hote hain—jo seedha energy ko command karte hain. प्रदान करना चाहता हे तो उसको सिद्ध माला की आवश्यकता रहती हे बिना सिद्ध की हुई माला से जितना भी मंत्र जाप कर लो सिद्धि प्राप्त नहीं होती हमारे पास सभी प्रकार की सिद्ध की हुई माला उपलब्ध हे जिसको चाहिए वो हमारा कॉन्टैक्ट कर सकता हे

जप काल में भोग आदि सामग्री, फल-फूल, मिठाई आदि ताजा एवं शुद्ध होनी चाहिए।

तंत्र मंत्र की उत्पत्ति के तौर पर हिंदू धर्म को जाना जाता है क्योंकि इस दुनिया का सबसे पहला धर्म हिंदू धर्म ही है और इसीलिए इस दुनिया में जो भी विद्या या फिर साधनाएं आई है उसकी उत्पत्ति हिंदू धर्म के द्वारा ही हुई है.

काली काली शामनते। ब्रह्मा की धीशु शाशु।

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